Vakilpedia ब्लॉग · अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
भारतीय कोर्ट में WhatsApp चैट सबूत के तौर पर: कैसे साबित करें (BSA 63)
WhatsApp चैट एक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के तहत उसका प्रिंटआउट या स्क्रीनशॉट द्वितीयक साक्ष्य के रूप में तब स्वीकार होता है जब उसके साथ धारा 63(4) का सर्टिफिकेट हो — जो पुराने 65B सर्टिफिकेट की जगह आया है। कोर्ट में ज़्यादातर चैट इसलिए नहीं टिकतीं कि उनमें क्या लिखा है, बल्कि इसलिए कि सर्टिफिकेट और चेन ऑफ कस्टडी ठीक नहीं होती।
स्क्रीनशॉट या एक्सपोर्ट?
स्क्रीनशॉट पर आपत्ति उठाना आसान है: वे बातचीत का सिर्फ़ एक हिस्सा दिखाते हैं और उनमें छेड़छाड़ आसान है। WhatsApp का अपना “Export chat” (मीडिया के साथ या बिना) इस्तेमाल कीजिए और एक्सपोर्ट हुई .txt या .zip फ़ाइल को ठीक वैसी ही रखिए जैसी बनी थी। सुविधा के लिए स्क्रीनशॉट भी फाइल किए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें एक्सपोर्ट की गई फ़ाइल और उसकी हैश से जोड़िए।
क्या करें, क्रम से
- केस खत्म होने तक चैट डिलीट न करें और फ़ोन न बदलें — डिवाइस को पेश करना पड़ सकता है।
- जिस फ़ोन में चैट है, उसी से चैट एक्सपोर्ट कीजिए, और तारीख, समय तथा फ़ोन का मेक, मॉडल और IMEI नोट कीजिए।
- एक्सपोर्ट की गई फ़ाइल की SHA-256 हैश निकालिए। EvidenceHash यह फ़ाइल अपलोड किए बिना आपके ब्राउज़र में कर देता है।
- धारा 63(4) का सर्टिफिकेट तैयार कीजिए: Part A फ़ोन के मालिक/यूज़र द्वारा, Part B एक विशेषज्ञ द्वारा जो वही हैश जाँचता है। हमारी गाइड देखिए: धारा 63 BSA सर्टिफिकेट का फॉर्मेट।
- ज़रूरी पन्ने प्रिंट कीजिए, उन्हें हैश की गई फ़ाइल के अंश (extracts) के रूप में चिह्नित कीजिए, और सर्टिफिकेट के साथ फाइल कीजिए।
वे गलतियाँ जो कोर्ट में चैट को कमज़ोर करती हैं
- क्रॉप किए हुए स्क्रीनशॉट जिनमें तारीख, नंबर या कॉन्टैक्ट का नाम दिखाई न दे।
- ओरिजिनल डिवाइस की चैट की जगह फ़ॉरवर्ड की गई कॉपी।
- हैश एक फ़ाइल की निकाली गई और फाइल दूसरी कॉपी की गई।
- सर्टिफिकेट बिल्कुल नहीं, या सिर्फ़ पक्षकार का साइन हो और विशेषज्ञ वाला भाग न हो।
- चैट का अनुवाद फाइल करना, लेकिन मूल भाषा का टेक्स्ट साथ में न लगाना।
संदेश किसने भेजे, यह कैसे साबित करें
सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि रिकॉर्ड वही है जो वह होने का दावा करता है। उसे किसने लिखा, यह अलग तथ्य है: नंबर को व्यक्ति से जोड़िए कॉल रिकॉर्ड, SIM सब्सक्राइबर की जानकारी, स्वीकारोक्तियों (admissions), या बातचीत के संदर्भ से। शुरू से ही दोनों की योजना बनाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भारत में WhatsApp चैट सबूत के तौर पर मान्य हैं?
हाँ। वे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हैं; उनकी कॉपी भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत तब स्वीकार्य हैं जब उनके साथ Schedule वाले फॉर्म में धारा 63(4) का सर्टिफिकेट हो।
क्या सिर्फ़ स्क्रीनशॉट काफ़ी है?
अकेला नहीं। स्क्रीनशॉट एक कंप्यूटर आउटपुट है और उसे सर्टिफिकेट चाहिए। हैश वैल्यू के साथ एक्सपोर्ट की गई चैट फ़ाइल पर आपत्ति उठाना कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है।
क्या कोर्ट में फ़ोन ले जाना ज़रूरी है?
हमेशा नहीं, लेकिन उसे संभालकर रखिए। अगर दूसरा पक्ष रिकॉर्ड पर आपत्ति करे, तो कोर्ट ओरिजिनल डिवाइस की जाँच करवाना चाह सकता है।
यह लेख क़ानून को सामान्य रूप से समझाता है; किसी ख़ास केस के लिए यह क़ानूनी सलाह नहीं है। सेक्शन नंबर और पाठ बेयर एक्ट से लिए गए हैं; फ़ाइल करने से पहले मौजूदा पाठ ज़रूर जाँच लीजिए।
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