Vakilpedia ब्लॉग · अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
eCourts पर केस स्टेटस और अगली सुनवाई की तारीख कैसे देखें
भारत के हर ज़िला कोर्ट और हाई कोर्ट के केस का eCourts सिस्टम पर एक सार्वजनिक स्टेटस पेज होता है: केस किस चरण में है, आख़िरी आदेश क्या था और अगली तारीख कब है। इसे एक मिनट से कम में कैसे ढूँढें — और दर्जनों केस एक-एक करके देखने से कैसे बचें, यह यहाँ बताया गया है।
ज़िला और तालुका कोर्ट
- eCourts सर्विसेज़ साइट (services.ecourts.gov.in) या आधिकारिक eCourts Services ऐप खोलें।
- “Case Status” चुनें, फिर अपना राज्य, ज़िला और कोर्ट कॉम्प्लेक्स चुनें।
- CNR नंबर (सबसे तेज़), केस नंबर और वर्ष, FIR नंबर, पक्षकार का नाम या वकील का नाम डालकर खोजें।
- केस खोलकर अगली सुनवाई की तारीख, केस का चरण, जज का नाम और डाउनलोड किए जा सकने वाले आदेश देखें।
हाई कोर्ट
ज़्यादातर हाई कोर्ट केस स्टेटस eCourts की हाई कोर्ट सर्विसेज़ साइट (hcservices.ecourts.gov.in) और अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करते हैं। केस का प्रकार, नंबर और वर्ष से, या पक्षकार या वकील के नाम से खोजें। कुछ हाई कोर्ट रोज़ की कॉज़ लिस्ट और लाइव डिस्प्ले बोर्ड भी दिखाते हैं।
CNR नंबर क्या है?
केस नंबर रिकॉर्ड (CNR) ज़िला कोर्ट के केस का 16 अक्षरों का अनोखा कोड है — जैसे MPJB010012342024 (राज्य + ज़िला + स्थापना कोड, क्रम संख्या और वर्ष)। केस दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर हो जाए तब भी यह कभी नहीं बदलता, इसलिए खोजने का यह सबसे भरोसेमंद तरीक़ा है।
अगर आप वकील हैं और आपके बहुत सारे केस हैं
हर शाम एक-एक केस देखना बहुत केस होने पर संभव नहीं है। CaseLinx आपके सारे मामले एक डिजिटल केस डायरी में रखता है — अगली तारीख, क्लाइंट, पक्षकार और दस्तावेज़ — और वकील के रूप में आपके नाम से आपके केस ढूँढ सकता है, इसलिए आपको उन्हें एक-एक करके डालना नहीं पड़ता। खोजने की जगह आपको अगले दिन की लिस्ट और रिमाइंडर मिलते हैं।
हाई कोर्ट के मामलों में जहाँ आपको यह भी जानना हो कि आपका आइटम असल में कब पुकारा जाएगा, CourtQue देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा CNR नंबर कैसे पता करूँ?
eCourts पर पक्षकार के नाम, केस नंबर या FIR नंबर से केस खोजें; CNR केस स्टेटस पेज पर दिखता है। यह कई आदेशों और समन पर भी छपा होता है।
eCourts पर पुरानी अगली तारीख क्यों दिख रही है?
कोर्ट के उस दिन की कार्यवाही दर्ज करने के बाद ही तारीख अपडेट होती है। अगर दिखाई गई तारीख निकल चुकी है और केस लंबित है, तो उस दिन का आदेश देखें या कोर्ट स्टाफ से पूछें।
क्या मैं वकील के नाम से केस स्टेटस देख सकता हूँ?
हाँ — eCourts ज़िला कोर्ट के लिए वकील के नाम से खोज की सुविधा देता है। CaseLinx वकील के रूप में आपके नाम का इस्तेमाल करके आपके सारे केस एक डायरी में ले आता है।
यह लेख क़ानून को सामान्य रूप से समझाता है; किसी ख़ास केस के लिए यह क़ानूनी सलाह नहीं है। सेक्शन नंबर और पाठ बेयर एक्ट से लिए गए हैं; फ़ाइल करने से पहले मौजूदा पाठ ज़रूर जाँच लीजिए।
इसके लिए टूल
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CourtQue
कोर्ट में आपका आइटम नंबर आने से पहले WhatsApp पर मैसेज — गलियारे में इंतज़ार ख़त्म।
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IPC ↔ BNS कन्वर्टर
किसी भी पुराने IPC, CrPC या साक्ष्य अधिनियम के सेक्शन का नया BNS, BNSS या BSA सेक्शन पाइए — फ़्री, बिना साइन-अप।
सेक्शन बदलिए →Vakilpedia टूल
Affidavit Maker
चैट में कुछ सवालों के जवाब दीजिए और वेरिफ़िकेशन व डिपोनेंट ब्लॉक के साथ फ़ाइल करने लायक एफ़िडेविट PDF पाइए — हिंदी या अंग्रेज़ी में। रोज़ एक फ़्री।
एफ़िडेविट बनाइए →आगे पढ़िए
- भारत में नारकोटिक्स रेड: आपके अधिकार, मात्रा का कानून, सबूत के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख (NDPS मास्टर गाइड)
- भारत में POCSO केस: झूठे आरोप, कानूनी बचाव और तुरंत क्या करें (BNS गाइड)
- भारत में चेक बाउंस कानून: NI Act की धारा 138 की व्याख्या
- साइबर क्राइम में बैंक अकाउंट फ्रीज़: निर्दोष लोग क्यों प्रभावित होते हैं (मनी ट्रेल की व्याख्या)
